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असोला – बेडा मैपिंग का अनुभव

— जीवन ढोक मैं एक फेलो टीचर के रूप में असोला बेडा पर काम कर रहा हूँ। मेरा उद्देश्य इन लोगों के माइग्रेशन को समझना …

ठणठण – माइग्रेशन के साथ शिक्षा की आशा

— डेविड सूर्यवंशी मैं और प्रगति सुबह बेडा पर पहुँचे, तो देखा कि रेखा दीदी और विभा भैय्या अपनी गाड़ी में सारा सामान भर रहे …

चक्रीघाट – अपनेपन का एहसास

— कोमल गौतम आज जब मैं रणूभाई के बेडा पर गई, तो उन्होंने मुझे देखते ही मुस्कुराते हुए कहा,“दीदी, आप बहुत दिनों के बाद आये… …

संकलन आणि संपादन – निकिता देवासे

बोथली – एक वर्ष: आठवणी आणि शिकणं – रोहिणी कालभूत  बघता बघता बोथली बेड्यावर माझं एक वर्ष पूर्ण झालं. वेळ कसा गेला हे कळलंच नाही, …